नये व्यक्ति से बात कैसे शुरू करें।
"बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी" हम आप अक्सर ये सुनते कहते हैं कि हमारी यात्रा बहुत बोरिंग रही क्योंकि की आपने किसी से बात हीं नहीं कि। आप सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा चुप-चाप कर आए जबकि बहुत से लोग आपके ही कंपार्टमेंट में आपके साथ थे। आप कहीं साक्षात्कार के लिए गए आप को आता सब कुछ था परंतु आप कुछ भी नहीं बता सके। आपकी नौकरी लग जाती है, या आप पहले दिन कॉलेज जाते हैं। आपके सामने सभी लोग बाते करते है। हँसी मजाक करतें हैं पर आप किसी कोने में चुप-चाप अपना काम करते हैं। अगर आप में इस तरह की झिझक है तो क्या आप कभी भी बात नहीं करेंगे, करेंगे ना ? तो आप शर्माना छोड़िए, और बड़े विश्वास के साथ उस जगह अपनी हाज़िरी दर्ज कराइए । अगर आप में अभी भी वो विश्वास नहीं आ पाया है तो आप हमारी बात मानिए।
आप तो जानते ही हैं कि बात-बात से बात निकलती है, बस शुरूआत की ज़रूरत होती हैं जो आप नहीं कर पाते। तो आप किसी भी जगह की तबीयत को पढ़ कर माहौल का जायज़ा लेते हुए शुरू कर दीजिए। आप इस बात का ध्यान रखें की आपके सामने वाला किस उम्र का है, वह महिला है या पुरूष। उसकी ओर ध्यान दें की वो क्या कर रहा है या कर रही है। जैसे आप ट्रेन में यात्रा कर रहें हैं और आपके सामने वाली सीट पर कोई बड़े उम्र का व्यक्ति अख़बार पढ़ रहा है। आप उनसे पूछ सकतें हैं कि अंकल आज की सबसे बड़ी खबर क्या है, या आपको दिक्कत ना हो तो मैं एक पेज ले सकता हूँ? ऐसे बहुत से छोटे-छोटे सवाल से आप अपनी बात शुरू कर सकते हैं। आप किसी को गुड़मार्निंग बोलकर या नमस्कार बोलकर भी शुरू कर सकते हैं। हमें नहीं लगता की सुनने वाला आपको जवाब नहीं देगा। आप तो यूँ ही शर्माए बैठे हैं, तो शरमाइए मत और बोलना शुरू हो जाइए।
भले आप किसी को ठगने के लिए थोड़े ही बात करना चाह रहे हैं। तो फिर आप डरते क्यों हैं? डर छोड़िए बस लग जाइए बात फोड़ने में। पर ये कभी ना सोचें की अगले से बात कर के आपको क्या मिलेगा? हर व्यक्ति से कुछ ना कुछ सीखा जा सकता है।
