Jyotish

अध्यात्मिक शक्ति का विकास करते हैं मंत्र

भारत की प्राचीन 14 विद्याओं में से एक विद्या, मंत्र विज्ञान रहा है। इस बात से अधिकांशतः भारतीय भली-भांति परिचित हैं। आज भी मंत्रों के प्रयोग से बहुत सी समस्याओं को दूर किया जाता है। प्रश्न यह उठता है कि मंत्र क्या है और यह कैसे कार्य करता है?मंत्र का सीधा संबंध शरीर विज्ञान से है। मानव शरीर पांच तत्वों से बना है, हम सब जानते हैं। पांचों तत्वों के अपने-अपने गुण होते हैं। पांचों तत्वों में से एक नाम आकाश तत्व है और इसका गुण शब्द की उत्पत्ति आकाश है। Read more »

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सोते समय मनुष्य की मनः स्थिति

शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए नींद जरूरी है। असल में नींद एक प्रकार का विश्राम है। व्यक्ति जब तक जागता रहता है, कोई न कोई कार्य करता रहता है। उसका मस्तिष्क भी सक्रिय रहता है। ऐसी सक्रियता या प्रवृत्ति से थकान आती है। थकान के बाद शरीर को विश्राम की जरूरत होती है। इसके लिए मनुष्य निद्रा देवी की गोद में जाता है। Read more »

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जीवन का हाल बताते हैं हस्तरेखा

हस्त रेखा व्यक्ति के अतीत, वर्तमान और भविष्य जानने की एक प्राचीन विज्ञान है। नारद, वाल्मीकि, गर्ग, भृगु, पराशर, कश्यप, अत्री, बृहस्पति, प्रहलाद, कात्यायन, वराहमिहिर आदि ऋषि मुनियों ने इस पर बहुत काम किया है। इसके बारे में स्कंध पुराण, भविष्य पुराण, बाल्मीकि रामायण, महाभारत, हस्तसंजीवनी आदि ग्रंथो में वर्णन है। ऐसा कहा जाता है कि सबसे पहले समुद्र नामक ऋषि ने इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया, इसीलिए इसे सामुद्रिक शास्त्र के नाम से भी जाना जाने लगा। Read more »

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